बचपन एक सुबह है,
जब नीद बहुत आती है..
और बंद आँखों में सपना नजर आता है
जवानी एक धुप है,
जब नीद नहीं आती है
और खुली आँखों में सपना नजर आता है...
बुढ़ापा एक रात है
जब आंखे अधखुली है..
और अधखुली आँखों से सच्चाई नजर आती है//
जब नीद बहुत आती है..
और बंद आँखों में सपना नजर आता है
जवानी एक धुप है,
जब नीद नहीं आती है
और खुली आँखों में सपना नजर आता है...
बुढ़ापा एक रात है
जब आंखे अधखुली है..
और अधखुली आँखों से सच्चाई नजर आती है//
No comments:
Post a Comment