Tuesday, April 24, 2012


रात
मुझे रात होने का इंतजार है
यह वह रात ही है....
जब मुझे अपने होने का एहसास होता है,
यह वो रात ही है ...
जब चारो तरफ सन्नाटा छाया होता है,
और यह वो सन्नाटा ही है जिसमे मैं अपनी धड़कन सुन सकता हूँ
यह वो रात ही है........
जब चारो तरफ अँधेरा छाया होता है,
और ये अँधेरा ही है जिसमे मैं अपने साये से भी दूर हो सकता हूँ,
यह वो रात ही है.......
जो मुझे सपने दिखाती है,
और ये वो सपने ही है जिसके साथ मैं फिर सबेरे जागना चाहता हूँ,
और ये वो सुबह ही है जिसकी चाह में ही मुझे रात होने का इंतजार है.


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